Wednesday, July 26, 2006

अब हम भी वर्डप्रेस पर

हम टकनीकल इनसान तो नही और ना ही प्रोग्रामिंग की ए बी सी डी मालूम है इसके बावजूद दिल पे हाथ रख कर wordpress मे अपना ब्लॉगर वाला ब्लॉग इम्पोर्ट करने मे शायद कामयाब रहे ('शायद' इसलिए कि हमें खुद नही मालूम कहां तक कामयाब रहे?) अब जनाब ब्लॉगस्पाट साहब इतने मसरूफ रहते हैं कि कई बार हमें बगैर लॉग-आफ किए भगा दिया जबकि हम पिछले तीन वर्षों से इस पर मौज मसती करते रहे और मनमानी भी आखिरकार ब्लॉगर ने हमें खैरबाद कहने पे मजबूर कर दिया। सबसे बडा दुःख तो ये है कि ब्लॉगर के लिए जो ये टम्पलीट बनाया है उसे खोना पडा जिसे हमने खून पसीना बहा कर बनाया था :(

हम इस वकत वर्डप्रेस पर अजनबी हैं, सब कुछ नया नया - पूरे दो घंटे तक हमारी हैरानी परेशानी देखने लायक थी, पहले ही लिख दिया है कि हम कोई टकनीकलर नही बस यूं ही हाथ पैर मारते मारते किनारे तक पहुंचने की कोशिश करते हैं या फिर डूबने को तरजीह देते हैं। बस जितना समझ आया कर दिया दांतों से तक पसीने छूट गए। अब बाकी भाई दोसतों के मशवरे या उनकी मदद से आगे बढ सकते हैं, भाईयोँ से गुज़ारिश है कि ज़रा देखना ये हमारा नाया ब्लॉग कहां तक ठीक है। :( ;) :D

Tuesday, July 25, 2006

इन्टरनेट का सही इस्तेमाल

इमिरेट्स मे सेक्स और गन्दी वेब साईट्स को यहां की सरकार ने ब्लॉक कर रखा है ताकि लोग इन्टरनेट का सही इस्तेमाल करें और यहां इन्टरनेट का गलत इस्तेमाल जुर्म है और सज़ा भी। अगर कोई इ-मेल से भी गन्दी तसवीर भेजे या वसूल करे तो फोरन पकडा जाता है। वोह इस लिए कि यहां सेक्स खुले आम दिखता और बिकता है, नेट पर सर खपाने की ज़रूरत ही नही।

देखा आपने? यहां UAE मे इन्टरनेट का बिलकुल सही इस्तेमाल हो रहा है।

Sunday, July 23, 2006

इनसे मिलो - 24

ये खुदा है

हिज़बुल्लाह आतंकवादीयों ने इज़राईल के सिर्फ दो दांत किया तोडे कि वोह पलट कर लेबनान के मुंह मे अपना पूरा हाथ डाल दिया, खुदा भी इसी इन्तेज़ार मे है कि कब ईरान और सीरिया कुछ बोले तो उनके मुंह मे भी हाथ ठूँसदे। पीछे से सौदी आरब ने भी फुसफुसाया कि शान्ती काइम रखो। खुदा ने आरबियों को डांटाः खामोश वोरना तुमहारी पुल खोलदें और तुम्हें अपना मुंह छुपाने के लिए खुदा का आश्रम भी नसीब ना हो। दूर से नार्थ कोरिया को उंगली नचाते देख कर खुदा ने ठानली मौका मिलते ही उसे भी किस्तें मे नचाना है। G 8 की बैठक मे जहां अमीर देशों ने पूजा की मगर इस बार प्रसाद गरीब देशों मे बांटने कि बजाए इज़राईल पर खर्च करने का फैसला किया है। सभी देशों की तरह आज भारत ने भी लेबनान को अफसोस लिख भेजा क्योंकि लेबनान को मिलने वाली हमदर्दियाँ और अफसोस खुदा की नज़रों से सनसर होकर गुज़र रही हैं। पहली बार खुदा ने नहाने का प्रोग्राम बनाया हालांकि वोह जानता है अगर ना भी नहाए तो पाक है, दुनिया मे आने के बाद यहां की रीत रिवाज और अमेरिका के उकसाने पर आखिरकार खुदा ने नहाने का इरादा करलिया और समुद्र मे इतनी ज़ोर से छलांग मारी कि दो से तीन मीटर ऊंची लहरें खडी होगई और गरीब इनडोनेशिया के कई लोगों ने आखिरी बार नहाया। दुनिया इतनी बडी है और खुदा को इसी गरीब देश के दामन मे डुबकी लगाना था कि जावा शहर मे हलचल मच गई। गरीब इनडोनेशिया के लोग उनके पास पहले से इतनी सारी मुसीबतें और ऊपर से एक और?? नहाने धोने के बाद खुदा वापस काम पर लौटा, इज़राईल पहुंचते ही लेबनान पर दुबारा तोप बाज़ी शुरू करदी। अब तो वोह निशाना बाज़ी मे इतना पक्का होगया सारी दुनिया खुदा के गीत गा रही है इसके बावजूद खुदा को हैरत होई कि अभी तक यूरोपियन युनिन चुप है -- जारी

बाकी फिर कभी

Friday, July 21, 2006

शार्क पर रिसर्च

ज़िनदगी मे पहली बार ज़िनदा शार्क देखने का मौका मिला, जो खुले समुद्र से भटक कर कॉरनिश मे घुस आई। पानी के ऊपर मटकती होई मोटी टगडी मज़बूत शार्क को देखने के लिए लोग उमड पडे। बाद मे दुबई म्युनिसिपैलिटी के बहादुर बंग्लादेशी मुछेरों ने शार्क को हांकते होवे वापस खुले समुद्र की तरफ भगा दिया। जब शाम को नेट केफे पहुंचे तो जनाब को अचानक शार्क पर रिसर्च करने का शौक जागा और बहुत सी वेब साईट्स से चंद आंकडे अपने ब्लॉग के लिए खींच लिऐ: